कृषि विभाग के सहयोग से बढ़ी फसल सुरक्षा और आय
कोटपूतली-बहरोड़, 13 मई। राजस्थान सरकार द्वारा संचालित ग्राम रथ अभियान के दौरान जिले के पशुपालकों और किसानों द्वारा साझा की जा रही सफलता की कहानियाँ ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता का नया उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। इसी क्रम में जिले की पावटा तहसील के ग्राम पण्डितपुरा निवासी कृषक संज्या देवी ने कृषि विभाग की तारबंदी योजना का लाभ लेकर अपनी खेती को सुरक्षित एवं लाभकारी बनाया है। सीमित कृषि भूमि पर खेती करने वाली संज्या देवी के लिए आवारा पशु और नीलगाय फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे थे, जिससे उनकी मेहनत और आय दोनों प्रभावित हो रही थीं। राज्य सरकार एवं कृषि विभाग की सहायता से अब उनकी फसल पूरी तरह सुरक्षित हो गई है और परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।

संज्या देवी ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से खेती का कार्य कर रहा है और खेती ही उनकी आय का मुख्य स्रोत है। लेकिन खेतों में नीलगाय एवं अन्य आवारा पशुओं के प्रवेश से फसलों को 20 से 30 प्रतिशत तक नुकसान हो जाता था। फसल की सुरक्षा के लिए रातभर खेतों की रखवाली करनी पड़ती थी, जिससे मानसिक और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियां बढ़ रही थीं।
उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के माध्यम से उन्हें तारबंदी योजना की जानकारी प्राप्त हुई। विभागीय अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन के बाद कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन किया गया तथा योजना के अंतर्गत उन्हें 200 मीटर तारबंदी के लिए 24 हजार रुपये का अनुदान स्वीकृत हुआ।
तारबंदी होने के बाद अब नीलगाय एवं अन्य जंगली पशुओं से फसल सुरक्षित है। रातभर खेतों की रखवाली करने की आवश्यकता समाप्त हो गई है, जिससे वे अन्य कृषि कार्यों पर बेहतर ध्यान दे पा रही हैं। फसल नुकसान रुकने से उत्पादन में वृद्धि हुई है तथा आय में भी सुधार दर्ज किया गया है।
संज्या देवी ने कहा कि कृषि विभाग एवं राज्य सरकार की योजनाएं किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही हैं। विभाग से उन्हें समय-समय पर मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त हुआ, जिससे खेती को सुरक्षित और लाभकारी बनाने में मदद मिली। उन्होंने कृषि विभाग और राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए अन्य किसानों से भी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
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