भारत में इंटरनेट ग्राहकों का आंकड़ा 1.09 अरब हुआ, टेलीकॉम सेक्टर ने कमाए ₹1.05 लाख करोड़: ट्राई रिपोर्ट

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नई दिल्ली: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही के लिए ‘भारतीय दूरसंचार सेवा प्रदर्शन संकेतक’ रिपोर्ट जारी कर दी है. इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने डिजिटल क्रांति की राह में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार कर लिया है. देश में कुल इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 6.24% की भारी तिमाही बढ़त के साथ 109.27 करोड़ (1,092.79 मिलियन) के पार पहुंच गई है. दिसंबर 2025 के अंत में यह आंकड़ा 102.86 करोड़ था, यानी केवल तीन महीनों में भारत में लगभग 6.41 करोड़ नए इंटरनेट उपयोगकर्ता जुड़े हैं.
वायरलेस इंटरनेट का दबदबा बरकरार
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का इंटरनेट इकोसिस्टम पूरी तरह से मोबाइल और वायरलेस नेटवर्क पर निर्भर है. कुल 109.27 करोड़ इंटरनेट उपभोक्ताओं में से 104.62 करोड़ (1,046.26 मिलियन) लोग वायरलेस यानी मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं, देश में वायर्ड इंटरनेट का उपयोग करने वालों की संख्या अभी 4.65 करोड़ है. इसके साथ ही, हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवा का उपयोग करने वाले ग्राहकों की संख्या 5.81% बढ़कर 106.58 करोड़ पहुंच गई है.
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अंतर
देश में कुल टेलीकॉम ग्राहकों की संख्या भी 1.87% की दर से बढ़कर 133.05 करोड़ हो गई है. हालांकि, रिपोर्ट ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच के बड़े अंतर को भी दर्शाती है. शहरी क्षेत्रों में टेलीफोन ग्राहकों की संख्या बढ़कर 77.87 करोड़ हो गई है, जिससे वहां की टेली-डेंसिटी (प्रति 100 लोगों पर कनेक्शन) 151.47% के रिकॉर्ड स्तर पर है. इसके विपरीत, ग्रामीण भारत में ग्राहकों की संख्या 55.17 करोड़ है और वहां की टेली-डेंसिटी अभी भी केवल 60.46% है. कुल टेलीकॉम बाजार में ग्रामीण हिस्सेदारी भी मामूली रूप से घटकर 41.47% रह गई है.

टेलीकॉम कंपनियों की मजबूत कमाई

डिजिटल इंडिया के इस विस्तार से टेलीकॉम सेक्टर की वित्तीय स्थिति और मजबूत हुई है. इस तिमाही के दौरान दूरसंचार सेवा क्षेत्र का सकल राजस्व ₹1.05 लाख करोड़ (₹1,05,118 करोड़) रहा. कंपनियों के समायोजित सकल राजस्व (AGR) में भी पिछली तिमाही के मुकाबले 2.90% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अब ₹86,716 करोड़ पर पहुंच गया है.

रेडियो और कम्युनिटी ब्रॉडकास्टिंग का विस्तार

इंटरनेट के अलावा पारंपरिक मीडिया प्लेटफॉर्म्स में भी विकास देखा गया है. मार्च 2026 के अंत तक भारत के 120 शहरों में कुल 390 निजी एफएम (FM) रेडियो चैनल संचालित हो रहे थे, जिन्होंने इस तिमाही में ₹414.03 करोड़ का विज्ञापन राजस्व कमाया. साथ ही, ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर सूचना पहुंचाने वाले कम्युनिटी रेडियो स्टेशनों की संख्या भी बढ़कर 564 हो गई है

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