प्रशासनिक फेरबदल: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की पूरी निजी टीम पर गिरी गाज, PS और दोनों APS तत्काल प्रभाव से हटाए गए

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नई दिल्ली: केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के निजी स्टाफ (Personal Staff) पर सरकार ने बेहद सख्त और अप्रत्याशित कार्रवाई की है। एक बड़े और चौंकाने वाले घटनाक्रम में मंत्री के निजी सचिव (PS) अमर सिंह समेत दोनों अतिरिक्त निजी सचिवों (APS) आयुष शरण और शैलेश कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है। प्रशासनिक गलियारों में एक साथ पूरी कोर टीम को हटाए जाने के इस फैसले के बाद से हड़कंप मचा हुआ है।
‘प्रशासनिक आधार’ पर बड़ी कार्रवाई
मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, इन अधिकारियों को हटाए जाने के पीछे “प्रशासनिक आधार” (Administrative Grounds) का हवाला दिया गया है। हालांकि, सचिवालय के सूत्रों का कहना है कि किसी केंद्रीय मंत्री की पूरी निजी टीम को एक ही दिन और एक साथ सेवा से मुक्त करना बेहद दुर्लभ घटना है, जो किसी गंभीर आंतरिक विषय की ओर इशारा करती है।
अधिकारियों पर की गई कार्रवाई का विवरण:
अमर सिंह (निजी सचिव) वर्ष 2010 बैच के आईआरएस (IRS) अधिकारी अमर सिंह साल 2021 से भूपेंद्र यादव के साथ जुड़े हुए थे। उन्हें तत्काल प्रभाव से उनके मूल विभाग (राजस्व विभाग) में वापस भेज (Repatriated) दिया गया है।
शैलेश कुमार सिंह (अतिरिक्त निजी सचिव) केंद्रीय सचिवालय सेवा (CSS) के इस अधिकारी को तय कार्यकाल से पहले ही ‘प्री-मैच्योर रिपेट्रिएशन’ के तहत उनके मूल संवर्ग (DoPT) में रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है।
आयुष शरण (अतिरिक्त निजी सचिव) सबसे सख्त रुख अपनाते हुए आयुष शरण की सेवाओं को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह समाप्त (Terminated) कर दिया गया है।
PMO तक पहुंची आदेश की प्रति, कयासों का बाजार गर्म
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी इस आदेश की प्रतियां प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और कैबिनेट सचिवालय को भी भेजी गई हैं। इससे यह स्पष्ट है कि यह निर्णय शीर्ष स्तर पर गहन विचार-विमर्श के बाद ही लिया गया है।
गौरतलब है कि निजी सचिव अमर सिंह को कुछ समय पहले ही पदोन्नत कर निदेशक (Director) रैंक दी गई थी और उन्हें मंत्री का बेहद विश्वस्त माना जाता था। ऐसे में अचानक हुई इस ‘सामूहिक विदाई’ के वास्तविक कारणों को लेकर अभी रहस्य बना हुआ है। सरकार या मंत्रालय की ओर से इस कार्रवाई की सटीक वजहों पर फिलहाल आधिकारिक तौर पर चुप्पी साधी गई है।

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