यूपी के अयोध्या जिले में तैनात साइबर क्राइम थाने के पुलिसकर्मियों ने मुकदमे से नाम हटाने के बदले 4 लाख रुपए मांगे थे। बातचीत के बाद 2.80 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। शिकायत के सत्यापन के बाद राजस्थान ACB ने सीकर में ट्रैप की कार्रवाई की। कांस्टेबल सोहनलाल ने जैसे ही 2.80 लाख रुपए लिए, टीम ने सब इंस्पेक्टर समेत चारों पुलिसकर्मियों को दबोच लिया। उत्तर प्रदेश के अयोध्या साइबर क्राइम थाने के चार पुलिसकर्मियों को राजस्थान के सीकर में 2.80 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार को ट्रैप की कार्रवाई करते हुए अयोध्या साइबर क्राइम थाने के सब इंस्पेक्टर समेत चार पुलिसकर्मियों को पकड़ा। आरोपियों ने एक मामले में शिकायतकर्ता के भाई का नाम हटाने की एवज में 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। बाद में बातचीत के दौरान सौदा 2.80 लाख रुपए में तय हुआ।

एसीबी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में अयोध्या साइबर क्राइम थाने के सब इंस्पेक्टर यशवंत सिंह, कांस्टेबल पवन त्रिपाठी, कांस्टेबल सोहनलाल और कांस्टेबल गौरव चारग शामिल हैं। चारों पुलिसकर्मी उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात हैं।
मुकदमे से नाम हटाने के बदले मांगी रिश्वत
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी को परिवादी ने शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उसके भाई के खिलाफ अयोध्या के साइबर क्राइम थाने में मुकदमा संख्या 22/2024 दर्ज है। इस मामले में उसके भाई का नाम हटाने की एवज में आरोपी पुलिसकर्मियों की ओर से रिश्वत की मांग की जा रही थी। एसीबी ने बिछा रखा था जाल
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने 17 अगस्त को रिश्वत की मांग का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान कांस्टेबल गौरव चारग ने परिवादी से 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। बातचीत के बाद 2.80 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। मांग की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई।
इन लोगों की हुई गिरफ्तारी
जयपुर एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में सीकर एसीबी की टीम ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई की। पुलिस निरीक्षक सुभाष मील की टीम ने मंगलवार को ट्रैप किया। कार्रवाई के दौरान सब इंस्पेक्टर यशवंत सिंह, कांस्टेबल पवन त्रिपाठी, कांस्टेबल सोहनलाल और कांस्टेबल गौरव चारग मौके पर मौजूद थे।
