झुंझुनूं।कांग्रेस जिलाध्यक्ष और मण्डावा विधायक रीटा चौधरी ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के हक की लड़ाई हर मंच पर लड़ेगी। जरूरत पड़ने पर आंदोलन और प्रदर्शन भी किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश सरकार की कार्यशैली, संवैधानिक संस्थाओं, कुंभाराम लिफ्ट कैनाल और नाम बदलने की राजनीति को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा।
शिक्षा मंत्री की चुप्पी पर उठाए सवाल
रीटा चौधरी ने कहा कि नीट परीक्षा में हुई धांधली के मामले में सबसे दुखद बात यह है कि शिक्षा मंत्री न तो जिम्मेदारी ले रहे हैं और न ही इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि पहले मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया करते थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीट पेपर लीक से प्रभावित लाखों स्टूडेंट्स को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी सरकार के सामने बच्चों का पक्ष मजबूती से रखेगी।
नीट पेपर लीक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रीटा चौधरी ने बीजेपी पर कसकर निशाना साधा।
नीट पेपर लीक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रीटा चौधरी ने बीजेपी पर कसकर निशाना साधा।
संवैधानिक संस्थाओं पर नियंत्रण का आरोप
रीटा चौधरी ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है। उन्होंने कहा कि चाहे चुनाव आयोग हो, सुप्रीम कोर्ट हो या अन्य संस्थाएं, सरकार किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा कि देश की संस्थागत व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई है और सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
कुंभाराम लिफ्ट कैनाल को लेकर भी साधा निशाना
कुंभाराम लिफ्ट कैनाल योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने इस महत्वपूर्ण योजना को शुरू किया था, लेकिन वर्तमान सरकार इसे सही तरीके से संचालित नहीं कर पा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पानी की सुविधा शुरू होने के बावजूद अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार पूर्व कांग्रेस सरकारों की जनहित योजनाओं और कानूनों को खत्म करने का काम कर रही है।
नाम बदलने से नहीं होता विकास
शहरों और स्थानों के नाम बदलने के मुद्दे पर रीटा चौधरी ने कहा कि यह जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि नाम बदलने से विकास नहीं होता, बल्कि बेहतर हॉस्पिटल और अच्छे स्कूल बनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि नाम बदलने के फैसलों से आम लोगों को अपने डाक्यूमेंट्स में बदलाव कराने के लिए सालों तक परेशानी उठानी पड़ती है।
किरोड़ी लाल मीणा पर भी बोला हमला
फर्जी ओबीसी सर्टिफिकेट के मुद्दे पर रीटा चौधरी ने मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को घेरते हुए कहा कि वे इस मामले में गलत साबित हो रहे हैं।
उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन राजनीति के लिए आधारहीन आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए।
