राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल (आरएसओएस) में अंकतालिकाओं में हेरफेर कर फर्जी अंकतालिकाएं तैयार करने वालों पर अब शिकंजा कसने की तैयारी है। मामले में एफआईआर दर्ज होने के एक साल बाद पुलिस ने स्टेट ओपन से रिकॉर्ड मांगा है स्टेट ओपन ने पिछले साल जून में इस मामले में बजाज नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। अब पुलिस इस मामले की जांच करेगी। पुलिस ने स्टेट ओपन को पत्र लिखकर विभागीय जांच रिपोर्ट की प्रति मांगी है, ताकि जांच आगे बढ़ सके
शिक्षा विभाग ने पिछले साल अपने स्तर पर जांच की थी जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे हालांकि जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई। स्टेट ओपन स्कूल को पत्र लिखकर पुलिस ने कहा है कि फर्जी अंकतालिकाएं बनाने के संबंध में शिक्षा सचिव ने एक आंतरिक जांच समिति बनाई थी। प्रारंभिक शिक्षा की उपसचिव मोनिका की अध्यक्षता में गठित इस समिति की जांच रिपोर्ट की जरूरत है। इसे जल्दी उपलब्ध कराया जाए, ताकि मामले की जांच आगे बढ़ सके उधर, इस मामले में आरोपी राकेश कुमार शर्मा अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है इसको लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं
संविदाकर्मी के पास थे सुपर एडमिन के अधिकार
सूत्रों के अनुसार 5 वर्षों (2021-2025) में 1107 अंकतालिकाओं में फर्जी संशोधन किए गए। इनमें नाम और जन्मतिथि तक बदल दी गई। जांच में आया था कि प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए संविदा पर लगे राकेश कुमार शर्मा को डीओआईटी ने सुपर एडमिन के अधिकार दे दिए थे, जबकि ऐसे अधिकार संस्थान में किसी अन्य के पास नहीं थे ऐसे लोगों के नाम भी अंकतालिकाएं जारी कर दीं थी, जिन्होंने न आवेदन किया और ना ही परीक्षा दी थी अधिकांश संशोधन एसएसओ आईडी RKS4161 से किए और ये कार्यालय समय के बाद किए गए। इस संविदाकर्मी का पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं कराया था
जांच में 1107 संशोधन फर्जी मिले
अब पुलिस ने जांच शुरू की है तो यह सामने आ सकेगा कि फर्जीवाड़ा करने वालों में कौन-कौन शामिल है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है जांच में आया था कि इन संशोधनों का पूरा रिकॉर्ड समिति को उपलब्ध नहीं कराया जांच में 1107 संशोधन फर्जी मिले थे। पूरे प्रकरण को साइबर क्राइम और ऑनलाइन फ्रॉड में रखा था। रिपोर्ट में मामले की एसओजी से जांच कराने की सिफारिश की थी, ताकि फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों और संभावित वित्तीय लेन-देन का पता लगाया जा सके
स्टेट ओपन ने तो पिछले साल ही मामला दर्ज करा दिया था। अब एक साल बाद पुलिस ने रिकॉर्ड मांगा था। हमारे पास जो रिकॉर्ड था, वह दे दिया। लेकिन आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट हमारे पास नहीं है
डॉ. अरुणा शर्मा, सचिव, राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल
