नई शिक्षा नीति:पढ़ाई छोड़ चुकी बेटियों को वापस स्कूलों से जोड़ेंगे मातृ समूह

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बेटियों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने और स्कूल से उनका ड्रॉप- आउट रोकने के लिए शिक्षा विभाग इस सत्र से पीएम श्री स्कूलों में नई पहल कर रहा है इसके तहत स्कूलों में मातृ समूह बनेंगे इस समूह में शामिल महिलाएं न केवल पढ़ाई छोड़ चुकी छात्राओं को वापस स्कूल से जोड़ेंगी बल्कि उनसे लगातार जुड़ी रहेंगी

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षाधिकारियों को दिशा निर्देश भेजे हैं निर्देशों के अनुसार प्रदेश की सभी 649 पीएमश्री विद्यालयों में इस बार स्थानीय स्तर पर विशेष ‘मातृ समूहों’ का गठन किया जाएगा इसका उद्देश्य माताओं को सीधे स्कूल की गतिविधियों और निर्णयों से जोड़ना भी है, ताकि वे अपनी बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और नियमितता को लेकर जागरूक हो सकें साथ ही लड़कियों के लिए सीखने का एक सुरक्षित माहौल तैयार किया जा सके विभाग ने इस पहल को ‘आपणी लाडो’ गति विधि के साथ जोड़ा है जिसके तहत प्रवेशोत्सव के दौरान स्कूलों में संवाद सत्र, एसएमसी की साधारण सभा की बैठकें आयोजित की जाएंगी

इस अभियान में पंचायतीराज सदस्यों, सरपंचों, मातृ-समूहों, बुजुर्गों और जनप्रतिनिधियों को एक साथ शामिल किया जाएगा ताकि बालिका शिक्षा को लेकर जन जागृति पैदा की जा सके बालिकाओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्कूलों में होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक व शैक्षणिक कार्यक्रमों में मंच संचालन का पूरा जिम्मा अब स्कूल की बालिकाओं को ही सौंपा जाएगा

जिससे बेटियों में नेतृत्व क्षमता, आत्म-विश्वास और संवाद कौशल का विकास हो सके इस दौरान ग्रामीण व स्थानीय स्तर पर उन महिलाओं या बेटियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा, जिन्होंने शिक्षा, करियर या किसी भी अन्य क्षेत्र में कोई बड़ी उपलब्धि हासिल की हो ताकि वे इन मातृ-समूहों और स्कूल की अन्य बच्चियों के सामने एक रोल मॉडल के रूप में अपनी कहानी साझा कर उन्हें प्रेरित कर सकें

शिक्षा विभाग ने आपणी लाडो और मातृ समूह गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए हरेक विद्यालय को एक-एक हजार रुपए के बजट का प्रावधान भी रखा है सबसे ज्यादा स्कूलों वाले जिले में जयपुर के 30, सीकर के 28, भीलवाड़ा के 23, उदयपुर के 22 व झुंझुनूं के 21 स्कूल हैं। जबकि योजना में सबसे कम जैसलमेर में 9, सलूंबर में 8 और डीग जिले के 7 स्कूल शामिल हैं

स्कूल प्रबंधन समिति में भी एक महिला सदस्य जरूरी

शिक्षा मंत्रालय की नई गाइडलाइन के अनुसार पीएमश्री विद्यालयों की विद्यालय प्रबंधन समिति में महिलाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना गया है कमेटी में कम से कम एक महिला सदस्य जरूर होती है वहीं, स्कूल में पढ़ने वाले प्रत्येक विद्यार्थी की माता अनिवार्य रूप से एसएमसी की साधारण सभा की सदस्य होती हैं इन सदस्यों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी प्रत्येक विद्यालय से 6 प्रतिभागी चुने जाएंगे, उनमें कम से कम एक महिला सदस्य का होना अनिवार्य किया गया है

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