दिलाई जल संरक्षण की शपथ, राहगीरों को पिलाया मीठा शरबत
कोटपूतली-बहरोड़, 28 मई। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के अंतर्गत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) की ओर से कोटपूतली, प्रागपुरा, पावटा, बहरोड़, नीमराना, बानसूर एवं नारायणपुर क्षेत्र में जल संरक्षण एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में आमजन ने सहभागिता निभाते हुए जल संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

अभियान के तहत बानसूर विधानसभा क्षेत्र में विधायक देवीसिंह शेखावत एवं विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा भीषण गर्मी के बीच राहगीरों एवं आमजन को मीठा शरबत पिलाकर सेवा कार्य किया गया। साथ ही लोगों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए वर्षा जल संचयन, जल के सदुपयोग तथा पानी की प्रत्येक बूंद बचाने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को जल बचाने, जल का दुरुपयोग रोकने एवं वर्षा जल संचयन प्रणाली अपनाने की शपथ भी दिलाई गई। अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। यदि आज जल बचाने के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो भविष्य में आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।

पीएचईडी विभाग द्वारा लगाए गए जागरूकता पम्पलेट एवं संदेशों के माध्यम से लोगों को बताया गया कि घरों की छतों पर वर्षा जल संचयन प्रणाली अपनाकर भूजल स्तर को बढ़ाया जा सकता है। साथ ही टपकते नलों को समय पर ठीक करवाने, वाहन धोने में पाइप के स्थान पर बाल्टी का उपयोग करने, कम समय तक शॉवर लेने तथा घरेलू कार्यों में पानी की बचत करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए आमजन को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया। इस दौरान “जल है तो कल है”, “हर बूंद की रक्षा, भविष्य की सुरक्षा” तथा “वर्षा जल संचयन करें, भविष्य सुरक्षित बनाएं” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया गया।
अभियान के अंत में सभी उपस्थितजनों ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
