6,500 बीघा उपजाऊ भूमि बचाने को लेकर किसान महापंचायत का कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन
कोटपूतली।कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरोध में सोमवार को क्षेत्र के किसानों ने किसान महापंचायत के बैनर तले अपनी ताकत दिखाई। कलेक्ट्रेट के बाहर भारी संख्या में जुटे किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उनकी उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण नहीं रोका गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा।
उपजाऊ जमीन छीनना भविष्य से खिलवाड़: रामपाल जाट
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार विकास के नाम पर किसानों की आजीविका पर प्रहार कर रही है। उन्होंने कहा “6,500 बीघा बहु-फसली और उपजाऊ भूमि को छीनना इस पूरे क्षेत्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। हम किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे।”

उनके साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रोहतास बोहरा, प्रदेश अध्यक्ष मुसद्दीलाल यादव और प्रदेश मंत्री ज्ञानचंद मीणा ने भी संबोधित किया और अधिग्रहण प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग की।
आर-पार की लड़ाई का ऐलान
कार्यक्रम के संयोजक सुरेश बिजारणिया ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि किसानों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और अब यह लड़ाई ‘आर-पार’ की होगी। किसानों ने सुझाव दिया कि नया एक्सप्रेसवे बनाने के बजाय वर्तमान 6-लेन हाईवे को ही चौड़ा किया जाए, ताकि हजारों परिवारों को उजड़ने से बचाया जा सके। कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को तुरंत *निरस्त किया जाए। वर्तमान हाईवे को ही चौड़ा करने का विकल्प अपनाया जाए। को अधिग्रहण की श्रेणी से पूर्णतः मुक्त रखा जाए।
इस विशाल प्रदर्शन को सफल बनाने में प्रदेश संगठन मंत्री बत्ती लाल बेरवा, प्रदेश मंत्री महेश जाखड़, प्रदेश युवा उपाध्यक्ष संदीप यादव और जिला अध्यक्ष बाबूलाल चौधरी की मुख्य भूमिका रही।
तहसील अध्यक्ष हर सहाय तंवर, जिला उपाध्यक्ष सहमाल मोलहेडा, रामनिवास यादव, हवलदार उमराव सिंह रावत, कृष्णा गुर्जर, पूर्ण फामड़ा, सुभाष यादव, इंद्राज यादव, शीशराम गेट, रामेश्वर कनेक्टर और राधेश्याम शुक्लवास सहित हजारों की संख्या में किसान उपस्थित थे।
