जयपुर। 23 जून 2026। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा है कि यह सरकार प्रदेश की जनता को जल नहीं छल’ दे रही है।
उन्होंने कहा कि यमुना जल समझौते के नाम पर जनता को पिछले ढाई सालों से सिर्फ एमओयू का झुनझुना थमाया जा रहा है और बेहद शर्मनाक बात है कि इतने लंबे समय बाद आज फिर से एक और एमओयू करने की बातें की जा रही हैं। सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनता अब खोखले दावों से थक चुकी है और इस सरकार की कार्यशैली पर सटीक बैठता है कि ” कब तो नौमन तेल होगा कब राधा नाचेगी ।” उन्होंने याद दिलाया कि 2024 में फरवरी माह में यमुना जल के लिए ही एमओयू किया गया था और अब आज ( मंगलवार ) फिर से आने वाले दिनों में एमओयू की बात मुख्यमंत्री कर रहे हैं।
पानी के नाम पर सिर्फ तारीखें, धरातल पर योजनाएं पूरी तरह ठप :
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री ने यमुना जल के नाम पर शेखावाटी में बड़े -बड़े भाषण दे दिए , स्वागत करा लिए लेकिन ढाक के वही तीन पात , यहां के किसान आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, और भाजपा सरकार सिर्फ कागजी समझौतों की नुमाइश में व्यस्त है। ढाई साल का लंबा कार्यकाल बीत जाने के बाद भी सरकार एक कदम आगे नहीं बढ़ पाई है। आज फिर से नए एमओयू की बात करना इस बात का सीधा प्रमाण है कि पिछला समझौता केवल एक चुनावी स्टंट और सियासी ढिंढोरा था। श्री जूली ने तंज कसते हुए कहा कि यह ‘जल’ देने वाली नहीं, बल्कि जनता को ‘छल’ देने वाली सरकार साबित हुई है। आखिर प्रदेश की जनता कब तक इन कागजी वादों और अंतहीन बैठकों के भरोसे बैठी रहेगी?
ईआरसीपी का सिर्फ नाम बदला, काम के नाम पर शून्य :
पूर्वी राजस्थान की लाइफलाइन कही जाने वाली ईआरसीपी परियोजना का जिक्र करते हुए श्री टीकाराम जूली ने कहा कि इस सरकार की प्राथमिकता काम करना नहीं, बल्कि सिर्फ पिछली सरकार की योजनाओं के नाम बदलना है। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े वादे करके सत्ता में आई डबल इंजन की सरकार ने ईआरसीपी का नाम तो बदल दिया, लेकिन धरातल पर काम कितना हुआ, यह आज पूरा राजस्थान देख रहा है। नाम बदलने से न तो पानी आएगा और न ही जनता की प्यास बुझेगी। सरकार नामकरण की राजनीति छोड़कर यह बताए कि जमीन पर कितना काम हुआ और कितने गांवों तक पानी पहुंचा।
राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिलाने में पूरी तरह नाकाम रही डबल इंजन सरकार :
नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े मंचों से ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिलाने की कसमें खाई जाती थीं। आज केंद्र में भी इनकी सरकार है और राज्य में भी, इसके बावजूद ये लोग अब तक इस बेहद महत्वपूर्ण परियोजना को ‘राष्ट्रीय परियोजना’ का दर्जा नहीं दिला पाए हैं। यह राजस्थान के हक के साथ सीधा खिलवाड़ है।
श्री जूली ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि राजस्थान की जनता अब भाजपा सरकार के इस टालमटोल वाले रवैये और यमुना जल को लेकर एमओयू के खेल को अच्छी तरह समझ चुकी है और आने वाले समय में इस निष्क्रियता का करारा जवाब देगी।
