कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर पांचना बांध से नहरों में तुरंत पानी छोड़ने की मांग की है। उन्होंने सीएम को लिखी चिट्ठी में कैचमेंट एरिया और कमांड एरिया के लोगों से बातचीत कर समाधान निकालने का आग्रह किया। डॉ किरोड़ी ने चिट्ठी में लोगों की मांग पर मजबूरन कुछ कदम उठाने की चेतावनी दी है।
किरोड़ी ने चिट्ठी में लिखा है- पांचना बांध के कमांड एरिया में पानी छोड़ने के हाईकोर्ट के आदेशों की पालना की मांग को लेकर सवाईमाधोपुर के खंडीप गांव में धरना चल रहा है। लोग बार बार मुझसे हस्तक्षेप के लिए कह रहे हैं, जिससे मुझे मजबूरन कुछ कदम उठाना पड़ेगा। कैचमेंट एरिया और कमांड एरिया के लोगों से तत्काल बात कर नहरों से पानी छुड़वाया जाए।
सवाईमाधोपुर के खंडीप गांव में हाईकोर्ट के आदेशों की पालना की मांग को लेकर धरना जारी है।
सवाईमाधोपुर के खंडीप गांव में हाईकोर्ट के आदेशों की पालना की मांग को लेकर धरना जारी है।
20 साल से 35 गांवों को नहीं मिल रहा पानी,किसानों को 4000 करोड़ के नुकसान का दावा
डॉ किरोड़ी ने चिट्ठी में लिखा है- करौली जिले का पांचना बांध वर्ष 1977 से 2004 के बीच करीब 125 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। लेकिन किन्हीं कारणों से साल 2006 से पांचना बांध का पानी कमांड एरिया के लोगों को नहीं दिया जा रहा जिसकी वजह से सिंचाई तो दूर पीने तक के पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है।
उन्होंने लिखा- कमांड एरिया के 35 गांवों की 40 हजार बीघा जमीन को सिंचाई का पानी नहीं मिलने से 1.25 लाख नागरिकों को हर साल 200 करोड़ का नुकसान हो रहा है। जब से पानी रोका गया है तब से कमांड एरिया के किसानों को 4000 करोड़ का नुकसान हो चुका है।
उन्होंने कहा कि पानी नहीं मिलने से किसान आर्थिक रूप से कमजोर हुए हैं, बेरोजगारी बढ़ी है और पलायन की स्थिति पैदा हो गई है।
हाईकोर्ट तीन बार पांचना से नहरों में पानी छोड़ने के आदेश दे चुका, लेकिन पालना नहीं
किरोड़ी ने लिखा- कमांड एरिया के किसान पांचना का पानी खुलवाने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं। फिर भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
हाईकोर्ट तीन बार नहरों में पानी छोड़ने का आदेश दे चुका है, लेकिन अब तक पालन नहीं हुआ।
हाईकोर्ट ने 8 जुलाई 2022 को साफ आदेश दिया था कि पांचना बांध के बने सिंचाई सिस्टम से नहरों में पानी खोला जाए। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कानून व्यवस्था में बाधा डालने वालों पर उचित कार्रवाई करने को कहा था।
किरोड़ी ने लिखा- हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद 8 जुलाई 2022 तक भी पांचना से पानी नहीं छोड़ा गया, तो ग्रामोत्थान संस्थान पीलोदा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की।
23 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका पर फैसला देते हुए कहा कि कोर्ट के आदेशों के चार साल बीतने के बावजूद पानी नहीं छोड़ा गया, अब तत्काल पानी छोड़ा जाए।
हाईकोर्ट ने आदेश की अवहेलना पर विभाग के सचिव और चीफ इंजीनियर को तलब करने की चेतावनी भी दी थी।
हाईकोर्ट के 8 जुलाई 2022, 23 अप्रैल 2006 और 1 मई 2006 के आदेशों के बावजूद नहरों में पानी नहीं खोला जा रहा है। पिछले 20 साल से नहरों में पानी नहीं खोले जाने से कमांड एरिया के किसान बेहद परेशान हैं।
पांचना डैम के आसपास के 39 गांव पहले अपने लिए पानी की मांग कर रहे हैं। (फाइल फोटो)
पांचना डैम के आसपास के 39 गांव पहले अपने लिए पानी की मांग कर रहे हैं। (फाइल फोटो)
पांचना बांध के आसपास के गांव ऊंचाई पर, वहां लिफ्ट से पानी पहुंचाने का प्रोजेक्ट चल रहा
किरोड़ी ने लिखा- वर्तमान में पांचना डैम पर वहां के आसपास के लोगों ने धरना दे रखा है। उनकी मांग है कि पहले उनके 39 गांवों को पानी उपलब्ध कराया जाए, उसके बाद ही कमांड एरिया की नहरों में पानी खुलने देंगे।
डैम के आसपास के गांवों की जमीन ऊंचाई पर होने के कारण वहां ग्रेविटी फ्लो से पानी पहुंचाना संभव नहीं है। इसी समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों की मांग पर सरकार ने 13 गांवों की 1973 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हेतु 200 एमसीएफटी क्षमता की लिफ्ट योजना तैयार की है।
इसके अलावा पांचना बांध और नहरों के पुनर्वास कार्य के लिए 11.46 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम चल रहा है। सरकार ने पांचना बांध के आसपास के गांवों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए बजट में 50 करोड़ का प्रावधान किया है।
