राष्ट्रीय पशुपालक संघ, डीएनटी संघर्ष समिति एवं मूल ओबीसी महापंचायत के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को डीएनटी समाज के लोग अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। शहर के सूरजपोल स्थित देवासी समाज छात्रावास से दोपहर की तेज धूप में बड़ी संख्या में लोग रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आक्रोश जताते हुए मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट नजर आया।

डीएनटी संघर्ष समिति के सह अध्यक्ष रतन नाथ कालबेलिया और कालूराम योगी ने बताया कि यह आंदोलन पिछले दो वर्षों से लगातार चल रहा है। पाली जिले के बालराई में हुए महापड़ाव के बाद सरकार से वार्ता हुई थी, जिसमें सरकार ने मांगों पर विचार के लिए तीन महीने का समय मांगा था। लेकिन पांच महीने बीत जाने के बावजूद सरकार दोबारा वार्ता के लिए आगे नहीं आई।
उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत के बाद भी सरकार ने डीएनटी समाज के खिलाफ दमनकारी रवैया अपनाया। आंदोलन से जुड़े 78 लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए तथा 6 आंदोलनकारियों को 18 दिनों तक जेल में रखा गया। नेताओं ने कहा कि इसी के विरोध में अब डीएनटी समाज के साथ वंचित ओबीसी, वंचित एसटी और वंचित एससी वर्ग भी आंदोलन में शामिल हो रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब प्रदेश के हर जिले तक पहुंचेगा और अंत में 1 जुलाई को जयपुर में महापड़ाव आयोजित किया जाएगा।
