नारनौल। भीषण गर्मी और तपते सूरज के बीच जहां इंसान बेहाल है वहीं बेजुबान पक्षियों और जानवरों के लिए दाने-पानी का संकट खड़ा हो गया है। इस समस्या को भांपते हुए युवा साथी ग्रुप हरियाणा और उड़ान जनसेवा ट्रस्ट ढाणी बाठोठा ने एक सराहनीय पहल शुरू की है। संस्था के सदस्यों ने क्षेत्र में सकोरे बांधकर न केवल बेजुबानों की प्यास बुझाने का बीड़ा उठाया बल्कि समाज को जीव दया का एक नया संदेश भी दिया।
माता-पिता की स्मृति में सेवा का संकल्प संस्था के सक्रिय सदस्य गजानंद सैनी ने बताया कि यह अभियान पूरी तरह से सेवा भाव को समर्पित है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा अपने पूजनीय माता-पिता स्वर्गवासी नेतराम और स्वर्गवासी कलावती की पावन स्मृति में इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा हूं। गजानंद ने जानकारी दी कि टीम ने इस वर्ष क्षेत्र में 500 सकोरे लगाने का लक्ष्य रखा है ताकि ऊंचाइयों पर रहने वाले पक्षियों और आवारा पशुओं को पानी के लिए भटकना न पड़े। पूरी टीम एकजुट होकर इस लक्ष्य को प्राप्त करने में जुटी है।

पारिस्थितिकी तंत्र के लिए जीव संरक्षण अनिवार्य
कार्यक्रम के दौरान नांगल चौधरी तहसील के सदस्य योगेश सैनी ने पर्यावरण और वन्यजीवों के बीच के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि क्षेत्र में खनन और अन्य मानवीय गतिविधियों के कारण पेड़-पौधे लगातार कम हो रहे है। जिससे वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास छिन गया है। योगेश सैनी ने जोर देकर कहा प्रकृति के जीवन चक्र को बनाए रखने के लिए हर जीव का जीवित रहना अनिवार्य है। यदि हम आज इन बेजुबानों को नहीं बचाएंगे तो भविष्य में पारिस्थितिकी संतुलन बिगड़ जाएगा।

नागरिकों से भी की अपील संस्था के सदस्यों ने स्थानीय निवासियों से भी अपील की है कि वे अपने घरों की छतों, आंगन और सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों के लिए दाना-पानी जरूर रखें। युवाओं की इस टोली द्वारा किए जा रहे इस निस्वार्थ कार्य की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। इस दौरान टीम के अन्य सदस्य और ग्रामीण भी मौजूद रहे। जिन्होंने इस नेक काम में अपना सहयोग देने का आश्वासन दिया।
इस अभियान में योगेश सैनी, नरेंद्र, विवेक, अर्पित, रविन्द्र सैनी, पंकज, अमित, दीपक, कमल आदि अहम भूमिका निभा रहे है।
