कोटपूतली-बहरोड़, 26 मई। जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय सीएसआर समन्वय समिति (स्थायी समिति) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन, विभिन्न औद्योगिक समूहों के साथ समन्वय, सामाजिक सरोकारों से जुड़े प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में निवेश तथा जनकल्याणकारी कार्यों को गति देने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक का मुख्य फोकस राज्य सरकार द्वारा संचालित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान एवं मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के अंतर्गत जल संरक्षण, भू-जल स्तर सुधार, वर्षा जल संचयन, जलाशयों के निर्माण एवं पुनर्जीवन, जोहड़ों एवं तालाबों के जीर्णोद्धार तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना रहा।

जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने कहा कि सीएसआर केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज के प्रति उद्योग जगत की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कंपनियां जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर जरूरत आधारित क्षेत्रों का चयन करें तथा ऐसे कार्य करें जिनका सीधा लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने गत वित्तीय वर्ष में कंपनियों द्वारा किए गए कार्यों एवं व्यय की समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना को और अधिक परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला एवं बाल विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा वंचित वर्गों के सामाजिक उत्थान जैसे क्षेत्रों में प्राथमिकता के साथ कार्य किए जाएं। साथ ही सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, समयबद्ध क्रियान्वयन एवं प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित किया जाए।
जल एवं पर्यावरण संरक्षण में निभाएं सक्रिय भूमिका
जिला कलेक्टर ने कहा कि जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए कंपनियों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कंपनी प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि जल संकट प्रभावित क्षेत्रों में रिचार्ज संरचनाएं, तालाब, जोहड़, पौंड, एनिकट एवं अन्य जल स्रोतों के निर्माण एवं पुनर्जीवन कार्यों में सीएसआर के माध्यम से सहयोग करें। इससे भू-जल स्तर में सुधार के साथ भविष्य की जल आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
उन्होंने हरियालो राजस्थान अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण एवं पौधों के संरक्षण पर भी जोर देते हुए कहा कि कंपनियां सड़क किनारे, सार्वजनिक स्थलों एवं चिन्हित क्षेत्रों में बड़े स्तर पर पौधारोपण एवं उनकी देखरेख का कार्य कर सकती हैं। बैठक में वाटरशेड विभाग के एक्सईएन हरिमोहन बैरवा ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 की विस्तृत कार्ययोजना की जानकारी दी।
आंगनबाड़ी एवं शिक्षा संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं के विकास पर दें विशेष ध्यान
जिला कलेक्टर ने कहा कि आईसीडीएस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य किए जाएं। बच्चों के मानसिक, शैक्षिक एवं सर्वांगीण विकास हेतु आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने में कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों एवं शैक्षणिक संस्थानों को आधुनिक एवं सुविधायुक्त बनाने के लिए सीएसआर के तहत विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपलब्ध कराएं आवश्यक चिकित्सकीय उपकरण
जिला कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार आमजन को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में कंपनियां चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक चिकित्सकीय उपकरण, जांच सुविधाएं एवं निक्षय पोषण किट उपलब्ध कराने में सहयोग करें ताकि जरूरतमंद मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण ने कहा कि कंपनी प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी समन्वित कार्ययोजना तैयार कर प्रशासन को प्रेषित करें तथा रिमोट एरिया, आशान्वित एवं आकांक्षी ब्लॉकों सहित पिछड़े क्षेत्रों के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
बैठक के दौरान विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए तथा जिला प्रशासन द्वारा दिए गए सुझावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर एसीईओ जिला परिषद जगदीश प्रसाद, महाप्रबंधक जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र भंवरलाल सैनी, सीएमएचओ डॉ. आशीष सिंह शेखावत, उप निदेशक आईसीडीएस सतपाल यादव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं सोतनाला औद्योगिक संघ के अध्यक्ष जयप्रकाश चौधरी व विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
