मिशन “हरियालो राजस्थान” के तहत वर्ष 2026-27 में जिले में 18 लाख से अधिक पौधारोपण का लक्ष्य

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कोटपूतली-बहरोड़ को हरित एवं पर्यावरण अनुकूल जिला बनाने की दिशा में व्यापक कार्ययोजना तैयार

वन विभाग की 8 नर्सरियों में 15.16 लाख पौधे तैयार, आमजन को रियायती दरों पर उपलब्ध होंगे पौधे

कोटपूतली-बहरोड़, 5 जून। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश को हरित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाने के उद्देश्य से संचालित मिशन “हरियालो राजस्थान” के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए कोटपूतली-बहरोड़ जिले में व्यापक पौधारोपण एवं पौध वितरण कार्ययोजना तैयार की गई है। एसीएफ वन विभाग तरुण ने बताया कि मिशन के तहत जिले में करीब 18 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने तथा हरित आवरण में वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे।

हरियालो राजस्थान मिशन का उद्देश्य

राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बजट घोषणा के अनुरूप प्रदेश में प्रतिवर्ष 10 करोड़ पौधे लगाने एवं वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मिशन “हरियालो राजस्थान” का उद्देश्य राजस्थान को हरित प्रदेश के रूप में विकसित करना, कृषि वानिकी को बढ़ावा देना, ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों को कम करना तथा वर्ष 2070 तक भारत के कार्बन तटस्थता लक्ष्य में राज्य की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना है।

योजना के माध्यम से वृक्षारोपण को जनआंदोलन का स्वरूप देने, किसानों की आय में वृद्धि, रोजगार सृजन, वृक्ष आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन तथा पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जाएगा।

जिला, उपखंड एवं राज्य स्तर पर होगी सतत निगरानी

मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य, जिला एवं उपखंड स्तर पर टास्क फोर्स का गठन किया गया है। जिला स्तर पर जिला कलक्टर अध्यक्ष तथा उप वन संरक्षक सदस्य सचिव होंगे। सभी विभागों को अपने-अपने लक्ष्यानुसार पौधारोपण स्थलों का चयन कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्रामीण विकास एवं शिक्षा विभाग को मिला सर्वाधिक लक्ष्य

विभागवार निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार ग्रामीण विकास विभाग को करीब 5 लाख शिक्षा विभाग को 4 लाख 52 हजार 200 पौधों के रोपण का लक्ष्य दिया गया है। इसके अलावा राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 2 लाख 25 हजार, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को 2 लाख 2 हजार 500, स्वायत्त शासन विभाग को 1 लाख 29 हजार तथा वन विभाग को 89 हजार 456 पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

15.16 लाख पौधे तैयार, 8 नर्सरियों से होंगे उपलब्ध

वन विभाग द्वारा जिले की 8 नर्सरियों में कुल 15.16 लाख पौधे तैयार किए गए हैं। इनमें नीम, पीपल, बरगद, शीशम, आंवला, इमली, अमलतास, सेमल, रोहिड़ा, अर्जुन, गुलमोहर, बहेड़ा सहित अनेक प्रजातियों के पौधे शामिल हैं।

कोटपूतली रेंज की कोटपूतली एवं पावटा नर्सरियों में 4.30 लाख, पावटा रेंज की बीलवाड़ी एवं भाखर लालाकली नर्सरियों में 4.16 लाख, विराटनगर नर्सरी में 1.60 लाख तथा बहरोड़, नीमराना एवं कानपुरा नर्सरियों में 5.10 लाख पौधे तैयार किए गए हैं।

रियायती दरों पर उपलब्ध होंगे पौधे

वन विभाग की नर्सरियों से आमजन को विभिन्न श्रेणियों के पौधे निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराए जाएंगे। कांटेदार प्रजातियों के पौधे 5 रुपये प्रति पौधा, दो फीट तक के छायादार पौधे 6 रुपये तथा दो से तीन फीट ऊंचाई वाले पौधे 10 रुपये प्रति पौधा उपलब्ध होंगे। इसी प्रकार बड़े आकार के पौधे उनकी ऊंचाई के अनुसार 15 रुपये से 75 रुपये प्रति पौधा तक उपलब्ध कराए जाएंगे।

“एक जिला-एक प्रजाति” अभियान को मिलेगा विशेष महत्व

मिशन के अंतर्गत “एक जिला-एक प्रजाति” अभियान को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। जिले के पांच गौरव वृक्षों के अंतर्गत चयनित प्रजातियों का अधिकाधिक पौधारोपण किया जाएगा। सभी विभागों को पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण, रखरखाव एवं उनके विकसित होने तक जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जनभागीदारी से साकार होगा हरित राजस्थान का संकल्प

जिला प्रशासन एवं वन विभाग ने आमजन, स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों एवं जनप्रतिनिधियों से मिशन “हरियालो राजस्थान” में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। व्यापक जनसहभागिता के माध्यम से जिले को अधिक हरित, स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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