बीजक की पहाड़ी, विराटनगर : राजस्थान सरकार की ‘नगर वन’ पहल से साकार हो रहा हरित विकास का नया मॉडल

National

कोटपूतली-बहरोड़, 29 मई। जिले के विराटनगर क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक बीजक की पहाड़ी अब पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और इको-टूरिज्म विकास का एक सशक्त केंद्र बनकर उभर रही है। राजस्थान सरकार एवं वन विभाग द्वारा भारत सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय की “नगर वन योजना” के अंतर्गत विकसित किया जा रहा यह प्रोजेक्ट अरावली क्षेत्र में हरित विकास और प्राकृतिक संतुलन को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह योजना शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने, स्थानीय जैव विविधता को संरक्षित करने तथा आमजन को प्रकृति से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में विराटनगर विधायक कुलदीप धनखड़ का यही प्रयास है कि क्षेत्र की आवश्यकताओं एवं संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जायें।

बीजक की पहाड़ी अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण भी विशेष पहचान रखती है। यहां प्राचीन बौद्ध अवशेषों एवं सम्राट अशोक से जुड़े शिलालेखों का उल्लेख मिलता है, जिससे यह क्षेत्र पर्यटन एवं धरोहर संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बन जाता है। अरावली की प्राकृतिक सुंदरता के बीच विकसित हो रहा नगर वन पर्यावरणीय संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान कर रहा है।

राजस्थान सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए राज्यभर में जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत वन विभाग द्वारा विराटनगर में नगर वन परियोजना को वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के दौरान विकसित किया जा रहा है। लगभग 50 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित इस प्रोजेक्ट में आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रकृति संरक्षण को केंद्र में रखा गया है।

परियोजना के अंतर्गत लगभग 2500 मीटर लंबी ईको ट्रेल का निर्माण किया गया है, जिससे पर्यटक प्राकृतिक वातावरण के बीच भ्रमण कर सकेंगे। यह ट्रेल स्थानीय लोगों एवं पर्यटकों को पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों के महत्व के प्रति जागरूक करने का माध्यम भी बनेगी। इसके अतिरिक्त आकर्षक दृश्यावलोकन के लिए झोपों एवं विश्राम स्थलों का निर्माण किया गया है, जहां से अरावली क्षेत्र की सुंदरता का आनंद लिया जा सकेगा।

वन विभाग द्वारा सुरक्षा व्यवस्थाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। परियोजना क्षेत्र में दीवार फेंसिंग, चैनल फेंसिंग एवं मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण कराया गया है, जिससे वन क्षेत्र सुरक्षित रह सके। पर्यटकों की सुविधा के लिए अलग-अलग स्थानों पर शौचालय निर्माण, पेयजल व्यवस्था तथा सिंचाई के लिए ट्यूबवेल निर्माण जैसे कार्य भी किए गए हैं।

जल संरक्षण एवं मृदा संरक्षण कार्य इस परियोजना की विशेष उपलब्धियों में शामिल हैं। तालाब निर्माण, ट्रेंच निर्माण तथा अन्य संरचनात्मक कार्यों के माध्यम से वर्षा जल संचयन एवं भू-जल स्तर सुधारने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए गए हैं। इससे क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ने के साथ पर्यावरणीय संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।

नगर वन परियोजना में वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आकर्षक साइनेंज, भित्ति चित्र एवं स्लोगन भी विकसित किए गए हैं। दीवारों पर स्थानीय वन्यजीवों एवं वनस्पतियों की चित्रकारी कर आमजन को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। साथ ही सुरक्षा एवं निगरानी के लिए गार्ड चौकी का निर्माण भी कराया गया है।

राजस्थान सरकार द्वारा संचालित इस प्रकार की परियोजनाएं प्रदेश में सतत विकास की अवधारणा को मजबूत कर रही हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार जल संरक्षण, हरित विकास, जैव विविधता संरक्षण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वन विभाग के प्रयासों से विकसित हो रहा विराटनगर का नगर वन भविष्य में पर्यावरण शिक्षा, पर्यटन, सामाजिक सहभागिता और प्राकृतिक संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।

बीजक की पहाड़ी पर विकसित यह नगर वन केवल एक हरित क्षेत्र नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति संरक्षण का प्रेरणादायी मॉडल बनता जा रहा है, जो पर्यावरण सुरक्षा के साथ स्थानीय विकास और पर्यटन संवर्धन को भी नई गति देगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *