पाटन क्षेत्र की समस्याओं को लेकर क्षेत्रवासियों ने उठाई आवाज, राजस्व न्यायालय स्थापना व जर्जर सड़क सुधार की मांग

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रिपोर्टर (शिंभू सिंह शेखावत)
पाटन/(सीकर:) पाटन क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर क्षेत्रवासियों ने प्रशासन के माध्यम से राजस्थान सरकार को ज्ञापन सौंपकर पृथक राजस्व न्यायालय की स्थापना तथा कोटपूतली-नीम का थाना बाईपास सड़क की बदहाल स्थिति में सुधार की मांग की है।
राजस्व विभाग को भेजे गए ज्ञापन में क्षेत्रवासियों ने बताया कि तहसील पाटन के राजस्व मामलों की सुनवाई वर्तमान में नीमकाथाना स्थित राजस्व न्यायालय में होती है, जो ग्रामीण क्षेत्रों से काफी दूर है। इससे किसानों, मजदूरों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। परिवहन सुविधाओं के अभाव में समय, धन और श्रम की हानि होती है तथा न्याय प्रक्रिया भी प्रभावित होती है।

ज्ञापन में कहा गया कि पाटन क्षेत्र में राजस्व गांवों और विवादों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसलिए तहसील मुख्यालय पाटन में पृथक राजस्व न्यायालय स्थापित किया जाना जनहित में आवश्यक है। इससे आमजन को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सकेगा।
वहीं दूसरे ज्ञापन में क्षेत्रवासियों ने कोटपूतली से नीम का थाना बाईपास तक राज्य राजमार्ग की जर्जर स्थिति पर चिंता जताई। ज्ञापन में बताया गया कि इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं, लेकिन सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों, धूल-मिट्टी और खराब निर्माण कार्य के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के दौरान नियमित पानी का छिड़काव नहीं होने से धूल प्रदूषण बढ़ गया है, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को सांस संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सड़क की तत्काल मरम्मत, नियमित पानी के छिड़काव और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।
इस दौरान पाटन प्रशासक मनोज चौधरी, एडवोकेट नीर सिंह मीणा, टिंकू योगी, अनिल चौधरी, सुमित यादव राजपुरा नेतराम यादव एवं विक्रम सैनी रायपुर सहित कई क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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