कोटपूतली।राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार शनिवार को जिला मुख्यालय पर वर्ष की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस लोक अदालत में बड़ी संख्या में लंबित मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया।
दो बेंचों का किया गया गठन
लोक अदालत के सफल संचालन हेतु अध्यक्ष श्री रवि शर्मा द्वारा दो विशेष बेंचों का गठन किया गया था प्रथम बेंच अध्यक्षता अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश (संख्या-01) राजेश कुमार ने की, जिसमें अधिवक्ता रणजीत कुमार मीणा सदस्य के रूप में शामिल रहे।द्वितीय बेंचअध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डिम्पल जन्डेल ने की, जिसमें अधिवक्ता सुश्री ज्योति शर्मा सदस्य रहीं।

राजस्व और बिजली-बैंक मामलों पर रहा जोर
इस दौरान न केवल अदालतों में लंबित दीवानी व फौजदारी मामले सुलझाए गए, बल्कि उपखंड अधिकारी (SDM) एवं तहसीलदार कार्यालयों में लंबित राजस्व प्रकरण जैसे:
- सीमाज्ञान एवं पत्थरगढ़ी
- नामान्तरण (म्यूटेशन)
- बिजली विभाग से संबंधित विवाद
- बैंक ऋण एवं प्रीलिटिगेशन मामले
इन सभी का मौके पर ही आपसी राजीनामे के जरिए निस्तारण कर पक्षकारों को राहत प्रदान की गई।
सांख्यिकीय विवरण: एक नजर में
| श्रेणी | रखे गए कुल प्रकरण | निस्तारित प्रकरण
न्यायालय में लंबित मामले 3,718 | 1,776
प्री-लिटिगेशन एवं राजस्व मामले** | 32,036 | 25,112 कुल योग 35,754 26,888
कुल पारित अवार्ड राशि ₹6,19,74,639 (छह करोड़ उन्नीस लाख चौहत्तर हजार छः सौ उनतालीस रुपये)
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विवादों के त्वरित और स्थायी समाधान पर जोर देते हुए न्यायिक अधिकारियों ने बताया कि इससे न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि समाज में सद्भाव भी बढ़ता है।
