कोटपूतली।जनपद में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के दावों की एक बार फिर हवा निकल गई है। स्थानीय शरण मार्केट निवासी एक महिला पत्रकार के परिजनों पर हुए जानलेवा हमले ने शहर में सनसनी फैला दी है। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों और प्रबुद्ध वर्ग में भारी आक्रोश व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता के पिता ने स्थानीय थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
फर्जी गोरक्षकों के नाम पर गुंडागर्दी का आरोप
घटना के बाद व्यथित महिला पत्रकार का गुस्सा सोशल मीडिया पर फूट पड़ा। उन्होंने एक वीडियो जारी कर हमलावरों की पहचान उजागर करते हुए उन्हें “फर्जी गोरक्षक” करार दिया है। पत्रकार का स्पष्ट आरोप है कि क्षेत्र में गोरक्षा की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व सक्रिय हैं, जो असल में गुंडागर्दी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को जानबूझकर निशाना बनाया गया है ताकि उनकी आवाज को दबाया जा सके।
विधायक और प्रशासन की चुप्पी पर उठाए सवाल
वीडियो में महिला पत्रकार ने स्थानीय नेतृत्व और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया है:
- नेतृत्व पर हमला: उन्होंने क्षेत्र के विधायक पर तंज कसते हुए कहा कि “विधायक साहब इस गंभीर मामले में भी चुप्पी साधे हुए हैं, उनसे किसी प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं है।”
- मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार: पत्रकार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और पुलिस के उच्चाधिकारियों को सोशल मीडिया पर टैग करते हुए पूछा है कि क्या यही प्रदेश की “महिला सुरक्षा” है?
- प्रशासनिक सुस्ती: पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों के खिलाफ अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक सुस्ती का प्रमाण है।
फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन घटना को लेकर कस्बे में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। लोग अब आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
