कोटपुतली-बहरोड़: मिलावटखोरों के खिलाफ राज्य सरकार के सख्त रुख के बीच, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने देर रात बानसूर के ग्राम बाबरिया में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रक डॉ. टी. शुभमंगला, जिला कलेक्टर श्रीमती अपर्णा गुप्ता एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. ओमप्रकाश सहारण के निर्देशन में सीएमएचओ डॉ. आशीष सिंह शेखावत के आदेश पर टीम ने सिंथेटिक दूध बनाने की फैक्ट्री पर छापा मारा।

घर की आड़ में चल रहा था अवैध खेल
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सूचना मिली थी कि बाबरिया गांव में एक घर के भीतर दूध कलेक्शन सेंटर की आड़ में मिलावटी और सिंथेटिक दूध तैयार किया जा रहा है। जांच दल जब मौके पर पहुँचा, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। घर के एक कमरे में बड़ी मिक्सर मशीनों के जरिए रिफाइंड पामोलिन तेल और लैक्टोज पाउडर को मिलाकर सफेद जहर (सिंथेटिक दूध) तैयार किया जा रहा था।
डेढ़ साल से खिला रहे थे ‘जहर’
मौके पर बुलाए गए संचालक कैलाश गुर्जर ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने स्वीकार किया कि वह पिछले 1.5 वर्षों से प्रतिदिन 400 से 500 लीटर सिंथेटिक दूध तैयार कर बेच रहा था। मौके से रिफाइंड पामोलिन तेल के 3 सीलबंद और 11 खाली पीपे, साथ ही 35 किलो लैक्टोज पाउडर बरामद किया गया। खाली पीपों की संख्या से अंदाजा लगाया जा रहा है कि आरोपी अब तक हजारों लीटर मिलावटी दूध बाजार में खपा चुका है।
सखी डेयरी ने पकड़ी थी मिलावट
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले यह दूध ‘सखी डेयरी’ में सप्लाई करता था, लेकिन वहां जांच में मिलावट पकड़े जाने के बाद डेयरी ने दूध लेना बंद कर दिया था। इसके बाद से वह सोडावास स्थित किसी निजी डेयरी को यह माल बेच रहा था।जनहित में सामग्री नष्ट, सैम्पल जयपुर भेजे
खाद्य सुरक्षा अधिकारी शशिकांत शर्मा एवं नेहा शर्मा की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए150 लीटरतैयार सिंथेटिक दूध को मौके पर नष्ट करवाया।45 लीटर पामोलिन तेल और 40 किलो लैक्टोज पाउडर को सीज कर विनष्ट किया। दूध के नमूने लेकर जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला जयपुर भिजवाए गए हैं।
