रोडवाल में आज गूंजेगा लोक संस्कृति का रंग, ‘लोक दर्शन यात्रा–हम भारत के लोग’ में दिखेगी गांव की मिट्टी और भारतीय विरासत की झलक

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कोटपूतली-बहरोड़ जिले में अनूठा आयोजन, पारंपरिक खेती से लेकर लोकगीत, लोकनृत्य और ग्रामीण जीवन तक का होगा जीवंत प्रदर्शन

रोडवाल। कोटपूतली-बहरोड़ जिले के रोडवाल में 30 सितंबर 2026 को ‘लोक दर्शन यात्रा–हम भारत के लोग’ का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन के माध्यम से भारतीय ग्रामीण संस्कृति, परंपराओं, लोक कलाओं, पारंपरिक कृषि पद्धतियों और सामाजिक समरसता की जीवंत झलक आमजन के सामने प्रस्तुत की जाएगी। कार्यक्रम की थीम “संस्कृति • सेवा • समरसता — भारत की मिट्टी, भारत की संस्कृति, हम सबकी साझा विरासत” रखी गई है।

लोक दर्शन यात्रा के दौरान ग्रामीण परिवेश और देश की लोक परंपराओं को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में ग्राम दर्शन, पारंपरिक खेती का अवलोकन, पारंपरिक खेल, तीज उत्सव तथा प्रदर्शनी जैसी गतिविधियां प्रमुख आकर्षण रहेंगी। यात्रा के दौरान ग्रामीण जीवन की उन परंपराओं को सामने लाया जाएगा, जिनका संबंध सीधे गांव की मिट्टी और भारतीय सामाजिक जीवन से है।

सुबह से शुरू होंगे विभिन्न कार्यक्रम

कार्यक्रम की शुरुआत बाबा खेतनाथ आश्रम में स्वागत एवं जलपान से होगी। इसके बाद आजाद भगत सिंह स्मृति वन दर्शन कराया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इसके बाद ग्राम दर्शन, पारंपरिक खेती का अवलोकन, पारंपरिक खेल, तीज उत्सव और प्रदर्शनी का भ्रमण कराया जाएगा।

आयोजन में अलग-अलग स्थानों पर ग्रामीण जीवन, खेती-किसानी और लोक परंपराओं से जुड़ी झलकियां प्रस्तुत की जाएंगी। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, लोक संस्कृति और ग्रामीण विरासत से परिचित कराना भी है।

मंच पर दिखेगी राजस्थान सहित भारतीय लोक संस्कृति की झलक

मुख्य मंच पर भी पूरे दिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता पूजन और गणेश वंदना से होगी। इसके बाद सरस्वती गीत, अतिथि परिचय, लोक गायन एवं लोकनृत्य, पुंगी वादन, लोक कथन और ग्राम प्रतिवेदन सहित कई कार्यक्रम होंगे।

विशेष आकर्षण के रूप में महिला लोकगीत एवं लोक नृत्य और खुला मंच रखा गया है। इसके अलावा संत आशीर्वचन का भी कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। मंचीय कार्यक्रमों के जरिए भारतीय लोक परंपराओं और ग्रामीण संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

शहीद स्मारक पर होगा समापन

लोक दर्शन यात्रा का समापन शहीद स्मारक पर शाम करीब 5:50 बजे किया जाएगा। इसके बाद रात्रि भोज का आयोजन रखा गया है।

आयोजन स्थल पर प्रदर्शनी के माध्यम से भी ग्रामीण जीवन, पारंपरिक खेती, लोक कला और संस्कृति से जुड़ी सामग्री एवं झलकियां प्रस्तुत की जाएंगी। कार्यक्रम में “अपनी संस्कृति | अपना गांव | अपना भारत” का संदेश प्रमुखता से रखा गया है।

गांव की मिट्टी से जुड़ने का संदेश

लोक दर्शन यात्रा का मूल उद्देश्य केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव की परंपरा, खेती, लोक कला, सामाजिक समरसता और साझा विरासत को एक साथ सामने लाना है। ऐसे आयोजन ग्रामीण संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और स्थानीय परंपराओं के संरक्षण की दिशा में एक मंच प्रदान करते हैं।

रोडवाल में होने वाला यह आयोजन ग्रामीण भारत की उस तस्वीर को सामने लाएगा, जिसमें खेत, लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक खेल, त्योहार, गांव की जीवनशैली और भारतीय संस्कृति एक साथ नजर आएगी।

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