कोटपुतली। नेशनल लाइमस्टोन कंपनी की मनमानी और नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे खनन के विरोध में अजीतपुरा कलां-कुजोता संघर्ष समितिका धरना शनिवार को 272वें दिन भी जारी रहा। शनिवार को हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब कंपनी ने आबादी क्षेत्र के बेहद नजदीक ब्लास्टिंग शुरू कर दी, जिससे आक्रोशित ग्रामीणों और कंपनी प्रबंधन के बीच भारी गतिरोध पैदा हो गया।
नियमों की अनदेखी और सुरक्षा पर संकट
ग्रामीणों का आरोप है कि नियमानुसार खनन गतिविधियां आबादी, सड़क और स्कूल से कम से कम 45 मीटर और ब्लास्टिंग 300 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए। इसके विपरीत, कंपनी रिहायशी इलाकों, स्कूल और श्मशान भूमि के बिल्कुल नजदीक ब्लास्टिंग कर रही है। शनिवार को जब ग्रामीणों ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर की जा रही ब्लास्टिंग का विरोध किया, तो आरोप है कि कंपनी ने बाहर से असामाजिक तत्वों को बुलाकर ग्रामीणों और महिलाओं के साथ बदसलूकी की कोशिश की।
प्रशासनिक हस्तक्षेप और पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत ASI ओमप्रकाश गुर्जर (पुलिस विभाग) व नरेश (परिवहन विभाग) को सूचना देकर मौके पर बुलाया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर तुरंत ब्लास्टिंग रुकवाई और ओवरलोडिंग गाड़ियों के चालान काटे।
सोमवार तक का अल्टीमेटम: कार्य पर रोक
प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि आगामी सोमवार को खनिज अभियंता (ME) अमीचंद के आने तक किसी भी प्रकार की ब्लास्टिंग नहीं की जाएगी। प्रशासन के अनुसार:
जब तक ब्लास्टिंग और खनन क्षेत्र का नए सिरे से
सीमांकन (चिन्हीकरण) नहीं हो जाता, तब तक कार्य बंद रहेगा।खनिज विभाग की टीम सोमवार को मौके का मुआयना करेगी।विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से नेतराम ताखर (सरपंच प्रतिनिधि), रामकरण मीणा (पूर्व सरपंच), महेंद्र मीणा, सुवालाल मीणा, महेंद्र दादरवाल, बिरजू धानका, राम सिंह जाट, रामस्वरूप पंच, भागीरथ मीणा, रोशन आर्य, रमेश चौधरी, धनसीराम जांगिड़, लखमी कटारिया, बनवारी ताखर, शिवलाल जाट, जावेद खान, नसरुद्दीन कुरैशी, अफीज खान, शीशराम होलदार, लालचंद बावरिया सहित सैकड़ों महिला एवं पुरुष ग्रामीण मौजूद रहे।
पुलिस ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर फिलहाल ग्रामीणों को शांत किया है। अब सभी की नजरें सोमवार को होने वाली खनिज विभाग की जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं।
