मुंडावर:(संदीप कुमार)
खैरथल-तिजारा जिले के मुंडावर निवासी संतोष कुमार ने अलवर के सोलंकी अस्पताल के प्रबंधन पर रूह कंपा देने वाले आरोप लगाए हैं। संतोष कुमार, जिन्हें 6 अप्रैल को सीने और पेट में दर्द के कारण भर्ती कराया गया था, उनका दावा है कि अस्पताल में इलाज के नाम पर उनके साथ मारपीट और अमानवीय व्यवहार किया गया।

जान बचाने के लिए नाले में लगाई छलांग
पीड़ित संतोष कुमार के अनुसार, रात के समय कुछ अज्ञात लोग वार्ड में दाखिल हुए और वहां मौजूद मरीजों के साथ मारपीट शुरू कर दी। अपनी जान को खतरे में देख, संतोष अस्पताल की तीसरी मंजिल से नीचे कूद गए। वह पास के एक नाले में जा गिरे, जहाँ उन्हें गंभीर चोटें आईं। संतोष ने बताया कि नाले में उन्हें एक सांप का भी सामना करना पड़ा, जिससे उन्होंने किसी तरह अपनी जान बचाई।
अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप:
जबरन इंजेक्शन: पीड़ित का आरोप है कि उन्हें शांत करने या बेहोश करने के लिए जबरन इंजेक्शन दिए गए।
मारपीट और बदसलूकी: अस्पताल के भीतर मरीजों की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए मारपीट के आरोप लगाए गए हैं।
जांच की मांग: संतोष कुमार ने इस मामले की शिकायत अलवर कोतवाली पुलिस और सेना (Army) में भी दर्ज कराई है। उन्होंने प्रशासन से अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज और ऑडियो रिकॉर्डिंग की गहन जांच करने की अपील की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
कार्रवाई का इंतज़ार:
घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पीड़ित का कहना है कि अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले ने निजी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले व्यवहार को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
