कोटपूतली-बहरोड़, 5 मई। राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापना के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “डॉ. भीमराव अंबेडकर राजस्थान दलित, आदिवासी योजना” संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत वित्तीय संस्थानों के माध्यम से मार्जिन मनी एवं ब्याज अनुदान युक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे युवाओं को नए रोजगार के अवसर सृजित करने में सहायता मिलेगी।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक भंवरलाल सैनी ने बताया कि योजना का कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण राजस्थान राज्य है तथा यह योजना 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। योजना के अंतर्गत पात्रता के लिए आवेदक की आयु न्यूनतम 18 वर्ष होना आवश्यक है। संस्थागत आवेदक जैसे स्वयं सहायता समूह, सोसायटी, साझेदारी फर्म, एलएलपी अथवा कंपनी भी पात्र होंगे, बशर्ते उनमें 51 प्रतिशत या अधिक स्वामित्व अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के व्यक्तियों का हो। योजना के तहत नवीन, विस्तार, विविधीकरण एवं आधुनिकीकरण से संबंधित विनिर्माण, सेवा एवं व्यापार क्षेत्र के उद्यम शामिल किए गए हैं। साथ ही, ऐसे लाभार्थी जो पिछले 5 वर्षों में किसी अन्य सरकारी योजना के अंतर्गत पूंजीगत या ब्याज अनुदान प्राप्त कर चुके हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
योजना के अंतर्गत सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को वित्तीय संस्थानों के माध्यम से अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। यह ऋण कंपोजिट अथवा सावधि ऋण के रूप में दिया जा सकेगा।
योजन के तहत 25 लाख रुपये तक के ऋण पर 9 प्रतिशत, 25 लाख से अधिक एवं 5 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 7 प्रतिशत तथा 5 करोड़ से अधिक एवं 10 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 6 प्रतिशत की दर से ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त उद्यमियों को 25 प्रतिशत मार्जिन मनी भी प्रदान की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 25 लाख रुपये तक निर्धारित है।
योजना के तहत आवेदन एसएसओ आईडी के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल पर किया जा सकेगा। आवेदन के लिए आवेदक को फोटो, आधार/जनाधार कार्ड, पैन कार्ड (व्यक्तिगत/संस्थागत), अनुसूचित जाति/जनजाति प्रमाण पत्र, शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता प्रमाण पत्र, प्रशिक्षण/अनुभव प्रमाण पत्र, परियोजना रिपोर्ट तथा मूल निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र, कोटपूतली-बहरोड़ से संपर्क किया जा सकता है।
