मिलावट के खिलाफ 20 दिन पैदल चले पदयात्री, 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास
नई दिल्ली, 23 सितंबर 2026।खाद्य पदार्थों में मिलावट और सुरक्षित भोजन के अधिकार को लेकर राजस्थान के बीकानेर से शुरू हुई #FoodRealityMarch का 20वें दिन दिल्ली में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्मारक स्थल राजघाट पर समापन किया गया। पदयात्रा के दौरान टीम ने 700 किलोमीटर से अधिक की दूरी पैदल तय की।

इस पदयात्रा की शुरुआत बीकानेर से इसलिए की गई क्योंकि बीकानेर केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल का संसदीय क्षेत्र है।
इस पदयात्रा का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में अभियान चलाना नहीं बल्कि खाद्य सुरक्षा और मिलावट जैसे जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे को सरकार, विपक्ष, नीति-निर्माताओं और आम जनता के सामने मजबूती से रखना है। फ़ूड माफियां एवं नकली दवाओं का माफियां देश के सामने विकराल दानव के रूप में खड़ा है जो हमारे DNA, नशलों को खत्म करने पर आमदा है।

बीकानेर से शुरू हुआ यह कारवां चूरू, सीकर, जयपुर, शाहपुरा, नीमराणा, गुरुग्राम होते हुए दिल्ली पहुंचा। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर आम नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों का समर्थन मिला।
अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों के अनुसार अब तक इस मुहिम को लाखों लोगों का समर्थन प्राप्त हुआ है। पदयात्रा का दिल्ली पहुंचना यात्रा का पड़ाव है, अभियान का अंत नहीं।
हमारी 12 सूत्रीय प्रमुख मांगें
- खाद्य मिलावट पर कठोरतम सजा का कानून
दूध, घी, पनीर, आटा, मसाले तथा अन्य खाद्य पदार्थों में जानबूझकर मिलावट करने वाले गंभीर मामलों के लिए कठोरतम दंड का प्रावधान किया जाए। अभियान की प्रमुख मांग है कि जानबूझकर बड़े पैमाने पर खाद्य मिलावट को गंभीर अपराध मानते हुए फांसी की सजा का प्रावधान करने के लिए कानून बनाया जाए।
- फसलों और सब्जियों में हानिकारक रसायनों के अनियंत्रित प्रयोग पर रोक
फल एवं सब्जियों के उत्पादन, पकाने और लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए हानिकारक रसायनों के अनियंत्रित प्रयोग पर प्रभावी रोक लगाई जाए। सुरक्षित कृषि और सुरक्षित खाद्य आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित की जाए।
- पैकेज्ड फूड पर Health Star Rating और हिंदी में Ingredients
हर पैकेज्ड खाद्य पदार्थ पर Health Star Rating अनिवार्य की जाए तथा उसमें इस्तेमाल सभी प्रमुख Ingredients की जानकारी हिंदी में, स्पष्ट और बड़े अक्षरों में उपलब्ध कराई जाए, ताकि आम उपभोक्ता खरीदने से पहले उत्पाद को समझ सके।
- प्रत्येक जिले में Free Food Testing Lab
देश के प्रत्येक जिले में आधुनिक और सुलभ Food Testing Laboratory स्थापित की जाए। आम नागरिकों को संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जांच कराने की सुविधा मिले और जांच रिपोर्ट तथा कार्रवाई की स्थिति ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाए।
- कक्षा 1 से 12 तक ‘शुद्ध आहार’ की शिक्षा
विद्यालयों में कक्षा 1 से 08 तक ‘शुद्ध आहार’ नाम से खाद्य सुरक्षा, मिलावट की पहचान, पोषण, लेबल पढ़ने और स्वस्थ भोजन से संबंधित शिक्षा को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए।
- Artificial Color और Artificial Flavor पर रोक
खाद्य पदार्थों में बेजा इस्तेमाल होने वाले Artificial Color, Artificial Flavor और Synthetic Food Dye के संबंध में कठोर वैज्ञानिक मानक बनाए जाएं तथा स्वास्थ्य के लिए जोखिम वाले पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। Natural Color और Natural Flavor की स्पष्ट परिभाषा और निगरानी व्यवस्था विकसित की जाए।
- पैकेज्ड फूड में Palm Oil पर प्रतिबंध
पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में Palm Oil के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। इसके स्थान पर सुरक्षित और पारदर्शी खाद्य तेलों के इस्तेमाल तथा स्पष्ट लेबलिंग की व्यवस्था की जाए।
- तंबाकू, गुटखा और जर्दा पर पूर्ण प्रतिबंध
तंबाकू, गुटखा, जर्दा तथा अन्य तंबाकू उत्पादों के उत्पादन, बिक्री और प्रचार पर प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा इनके पूर्ण प्रतिबंध की दिशा में कठोर कानून बनाया जाए।
- भ्रामक विज्ञापनों पर जेल का प्रावधान
यदि कोई कंपनी अपने उत्पाद को “100% Natural”, “Pure”, “Real”, “Fresh”, “Healthy”, “Organic” जैसे दावे करके उपभोक्ताओं को भ्रमित करती है अथवा किसी Celebrity/Influencer के माध्यम से ऐसे भ्रामक स्वास्थ्य दावे करवाती है तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई और जेल का प्रावधान किया जाए।
- Food Safety Fast Track Court और FSS Act, 2006 में कठोर प्रावधान
खाद्य मिलावट से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए Food Safety Fast Track Courts स्थापित किए जाएं और मामलों के लिए समयबद्ध सुनवाई की व्यवस्था हो।
Food Safety and Standards Act, 2006 में मिलावट करने वाले फ़ूड माफियाओ को फांसी जैसा सख्त प्रावधान करने की जरूरत है ताकि माफियाओं में कानून का भय कायम रहे।
- पैकेज्ड फूड में Sugar की मात्रा कम की जाए
पैकेज्ड खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों में Sugar की मात्रा को वैज्ञानिक मानकों के आधार पर नियंत्रित किया जाए। उपभोक्ताओं को प्रति सर्विंग तथा प्रति 100 ग्राम/मिलीलीटर Sugar की स्पष्ट जानकारी दी जाए ताकि लोग बेहतर खाद्य विकल्प चुन सकें।
- Unhealthy Cold Drinks पर प्रभावी नियंत्रण
जब देश की संसद की कैंटीन में कोल्ड ड्रिंक्स बैन है तो फिर आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ क्यों हो रहा है। सरकार जानलेवा पेय पदार्थों पर कठोर नियमन लागू किया जाए।
अभियान की मांग है कि Unhealthy Cold Drinks पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की दिशा में सरकार आवश्यक नीति और कानून पर विचार करे।
“पदयात्रा खत्म हुई है, संकल्प नहीं”
पदयात्रा के समापन के अवसर पर अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा कि 700+ किलोमीटर की यह यात्रा केवल दिल्ली पहुंचने के लिए नहीं थी बल्कि देश के सामने यह सवाल रखने के लिए थी कि आम नागरिक को आखिर सुरक्षित और शुद्ध भोजन कब मिलेगा।
उन्होंने कहा कि देश का युवा, बच्चे और आने वाली पीढ़ियां यदि सुरक्षित भोजन से वंचित रहती हैं तो इसका असर केवल एक व्यक्ति के स्वास्थ्य पर नहीं, बल्कि पूरे समाज और देश के भविष्य पर पड़ेगा।
“हमने बीकानेर से दिल्ली तक कदम बढ़ाए हैं। अब इस आवाज को राजस्थान के हर जिले और देश के हर राज्य तक पहुंचाया जाएगा।”
आगे की रणनीति
अभियान के अगले चरण में राजस्थान के हर जिले में एक दिवसीय ‘Food Reality March’ आयोजित करने की योजना बनाई गई है। इसकी शुरुआत झुंझुनूं जिले से किए जाने की घोषणा की गई है।
इसके बाद देश के अलग-अलग राज्यों में जनजागरूकता यात्राएं और कार्यक्रम आयोजित कर खाद्य सुरक्षा तथा मिलावट के खिलाफ व्यापक जनअभियान खड़ा करने का प्रयास किया जाएगा।
अभियान के लिए एक Legal Cell भी गठित किया गया है। इसके माध्यम से खाद्य सुरक्षा से संबंधित मौजूदा कानूनी व्यवस्था, उसके प्रवर्तन और उपभोक्ताओं के अधिकारों का अध्ययन किया जाएगा तथा आवश्यक होने पर जनहित याचिका (PIL) सहित उपलब्ध कानूनी उपायों के माध्यम से संबंधित मुद्दों को न्यायालय के समक्ष रखा जाएगा।
FSSAI स्वयं खाद्य सुरक्षा के लिए मानक निर्धारण, अनुपालन और निगरानी की जिम्मेदारी निभाने वाली केंद्रीय संस्था है तथा 2026 में भी खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं और खाद्य सुरक्षा संबंधी नियमों को लेकर अधिसूचनाएं जारी हुई हैं।
अभियान का संदेश
“पदयात्रा खत्म हुई है, संकल्प नहीं।
बीकानेर से दिल्ली तक 700+ किलोमीटर चले कदम अब देश के हर जिले तक जाएंगे।
मिलावट के खिलाफ आवाज अब हर गांव, हर शहर और हर परिवार तक पहुंचेगी।”
एडवोकेट जयन्तमूण्ड
संयोजक, Food reality march
