बीकानेर से शुरू हुई #FoodRealityMarch दिल्ली पहुँची

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700 किलोमीटर | 20 दिन का कठिन सफर | 12 सूत्रीय मांगों के साथ जनआंदोलन का आह्वान

नई दिल्ली, 22 सितंबर 2026। खाद्य मिलावट के खिलाफ बीकानेर से शुरू हुई #FoodRealityMarch – मिलावट के खिलाफ पदयात्रा आज दिल्ली पहुँच गई। लगभग 700 किलोमीटर और 20 दिनों के कठिन सफर के बाद पदयात्रियों ने खाद्य सुरक्षा और मिलावट के खिलाफ अपनी आवाज राष्ट्रीय राजधानी तक पहुँचाई।

पदयात्रा के संयोजक एडवोकेट जयन्त मूण्ड ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य खाद्य मिलावट जैसे गंभीर जनहित के मुद्दे पर सरकार और जनता का ध्यान आकर्षित करना तथा खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग उठाना है।

आयोजकों का कहना है कि मिलावट और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं के कारण आम लोगों में चिंता बढ़ रही है। उनका आरोप है कि मिलावटखोरी के खिलाफ मौजूदा व्यवस्था में प्रभावी रोकथाम और कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से पदयात्रा के माध्यम से सरकार के सामने 12 सूत्रीय मांग-पत्र रखा गया है।

पदयात्रा की 12 प्रमुख मांगें

  1. खाद्य मिलावट पर फांसी जैसा सख्त कानून बनाया जाए।
  2. फसलों एवं सब्जियों में हानिकारक केमिकल के प्रयोग पर प्रभावी रोक लगे।
  3. पैकेज्ड फूड पर Health Star Rating एवं Ingredients की जानकारी हिंदी में अनिवार्य की जाए।
  4. हर जिले में निःशुल्क सार्वजनिक Food Testing Lab स्थापित की जाए।
  5. कक्षा 1 से 12 तक ‘शुद्ध आहार’ विषय को खाद्य शिक्षा के रूप में शामिल किया जाए।
  6. खाद्य पदार्थों में Artificial Color, Artificial Flavor एवं Synthetic Food Dye पर प्रभावी रोक लगे।
  7. पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में Palm Oil पर प्रतिबंध लगाया जाए।
  8. तंबाकू, गुटखा एवं जर्दा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
  9. भ्रामक खाद्य विज्ञापनों पर सख्त कार्रवाई और दंड का प्रावधान हो।
  10. मिलावट के मामलों के लिए Food Safety Fast Track Court बनाई जाए तथा Food Safety & Standards Act, 2006 में आवश्यक सुधार किए जाएं।
  11. पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में Sugar की मात्रा कम करने के लिए प्रभावी नियम बनाए जाएं।
  12. Unhealthy Cold Drinks पर प्रभावी प्रतिबंध/कड़े नियमन की व्यवस्था की जाए।

लाखों लोगों का मिला समर्थन

आयोजकों के अनुसार बीकानेर से सीकर,जयपुर, शाहपुरा, बहरोड़, नीमराणा, शाहजहांपुर, बवाल सहित दिल्ली तक यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों ने पदयात्रियों का स्वागत और समर्थन किया तथा खाद्य मिलावट के खिलाफ अभियान से जुड़ने की प्रतिबद्धता जताई।

पदयात्रा में इंफ्लुएंसर गमित गहलोत, दिव्यांग साथी राकेश ढाका, प्रकाश मूण्ड कुचामन, अजय डूडी खंडेला, विशाल सैनी, अजय बिजारणिया, एडवोकेट मनीष शर्मा, राहुल हिन्दू सहित कुल 16 सदस्य पदयात्री एवं सहयोगी लगातार यात्रा में शामिल रहे।

23 सितंबर को राजघाट पर होगा समापन, जंतर-मंतर से आगे के आंदोलन की रणनीति

एडवोकेट जयन्त मूण्ड ने बताया कि 23 सितंबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के समाधि स्थल राजघाट पर पदयात्रा #FoodRealityMarch का समापन किया जाएगा।

इसके बाद जंतर-मंतर पर ‘जनता की अदालत’ के माध्यम से खाद्य मिलावट के खिलाफ देशव्यापी जनजागरूकता एवं आगे की रणनीति पर सामूहिक विचार-विमर्श किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह अभियान किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं बल्कि हर नागरिक को शुद्ध एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के अधिकार से जुड़ा जनहित का अभियान है।

एडवोकेट जयन्त मूण्ड ने देश के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक चिंतकों, डॉक्टरों, विशेषज्ञों, युवाओं, पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और आम जनता से इस अभियान से जुड़ने की अपील की।

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