कोटपुतली। नेशनल लाइमस्टोन कंपनी की मनमानी और नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे खनन के विरोध में अजीतपुरा कलां-कुजोता संघर्ष समितिका आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। शुक्रवार को ग्रामीणों का धरना 278वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने कंपनी के ओवरलोड वाहनों को रोककर अपना विरोध दर्ज कराया।
नियमों की अनदेखी और सुरक्षा पर गहराता संकट
ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि कंपनी खनन के बुनियादी सुरक्षा मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज कर रही है। नियमों के अनुसार आबादी, मुख्य सड़क और स्कूल से कम से कम 45 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए।रिहायशी इलाकों से कम से कम 300 मीटर की दूरी अनिवार्य है।
इसके विपरीत, कंपनी स्कूल, श्मशान भूमि और रिहायशी इलाकों के बिल्कुल समीप ब्लास्टिंग कर रही है, जिससे ग्रामीणों के जीवन और संपत्ति पर संकट मंडरा रहा है।
बदसलूकी का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जब उन्होंने इन सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का विरोध किया, तो कंपनी प्रबंधन ने कथित तौर पर बाहर से असामाजिक तत्वों को बुलाकर ग्रामीणों और महिलाओं के साथ बदसलूकी की। इससे स्थानीय निवासियों में भारी रोष व्याप्त है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में महिला एवं पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थेनेतराम ताखर (सरपंच प्रतिनिधि),रामकरण मीणा (पूर्व सरपंच)महेंद्र मीणा, सुवालाल मीणा, महेंद्र दादरवाल, बिरजू धानका
राम सिंह जाट, रामस्वरूप पंच, भागीरथ मीणा, रोशन आर्य रमेश चौधरी, धनसीराम जांगिड़, लखमी कटारिया, बनवारी ताखर शिवलाल जाट, जावेद खान, नसरुद्दीन कुरैशी, अफीज खान शीशराम होलदार, लालचंद बावरिया एवं अन्य।ग्रामीणों का संकल्प जब तक नियमों की पालना सुनिश्चित नहीं होती और अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लगती, धरना और प्रदर्शन अनवरत जारी रहेगा।
