चुनाव ड्यूटी के दौरान दिल का दौरा — CRPF जवान ने तोड़ा दम, घर लौटकर हुई मौत

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राजस्थान के अलवर जिले के एक बहादुर CRPF जवान की मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। Chhote Lal Yadav, जो Central Reserve Police Force (CRPF) की 83वीं बटालियन RAF के सिग्नल प्लाटून में हेड कॉन्स्टेबल/RO के पद पर तैनात थे, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की ड्यूटी पर तैनात थे।

करीब 22 वर्ष 11 माह 10 दिन की सेवा देने वाले 46 वर्षीय जवान (जन्म: 07 नवंबर 1979) राजस्थान के गांव माजरी खुर्द, पोस्ट माजरी कलां, थाना व तहसील नीमराना, जिला अलवर (पिन: 301703) के निवासी थे। उनके परिवार में पत्नी श्रीमती पिंकी देवी (NOK) सहित अन्य सदस्य हैं।


ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत

13 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल के तमलुक में चुनावी ड्यूटी के दौरान जवान ने अचानक सीने में तेज दर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की। स्थिति गंभीर होते ही उन्हें तुरंत सिटी हॉस्पिटल तमलुक ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने हार्ट अटैक की पुष्टि की।

हालत नाजुक होने के कारण उन्हें तुरंत कोलकाता के प्रतिष्ठित B.M. Birla Heart Hospital में भर्ती कराया गया, जहां 18 अप्रैल को सफल एंजियोप्लास्टी की गई और दो स्टेंट डाले गए। इलाज के बाद 20 अप्रैल को उन्हें डिस्चार्ज किया गया और आगे आराम के लिए CRPF कैंप में रखा गया।


घर लौटने के बाद फिर बिगड़ी हालत

डॉक्टरों की सलाह पर 30 दिन के आराम के लिए उन्हें 22 अप्रैल को उनके गृह जिले अलवर (राजस्थान) भेजा गया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

25 अप्रैल की सुबह घर पहुंचने के बाद फिर से तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जयपुर के CKS Hospital में भर्ती कराया गया। रात करीब 10 बजे हालत और खराब हो गई — ब्लड प्रेशर गिर गया और सांस लेने में दिक्कत बढ़ गई। उन्हें तुरंत ICU में वेंटिलेटर पर रखा गया।

परिवार और अधिकारी अस्पताल पहुंच चुके थे, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद 26 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 3:50 बजे जवान ने अंतिम सांस ली।

इस दौरान उनके बेटे और बहनोई अस्पताल में मौजूद थे। परिवार को घटना की सूचना दे दी गई है।


देश के लिए ड्यूटी, जान की कीमत पर

यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि चुनाव जैसे लोकतांत्रिक पर्व को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने में हमारे सुरक्षा बल किस हद तक अपनी जान की बाज़ी लगाते हैं। चुनाव ड्यूटी सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक जोखिम भरा कर्तव्य भी है।


भावुक सवाल

क्या चुनाव ड्यूटी के दौरान जवानों की स्वास्थ्य सुरक्षा और नियमित जांच के लिए और बेहतर व्यवस्था की जरूरत है?


श्रद्धांजलि

देश इस वीर जवान के बलिदान को हमेशा याद रखेगा।
“ड्यूटी पर निकले थे देश की रक्षा के लिए, लौटे तो तिरंगे में लिपटकर…”