700+ किमी का सफर पूरा कर दिल्ली की ओर बढ़ रहे पदयात्री, सुरक्षित भोजन के अधिकार की उठा रहे आवाज
बावल, 19 सितंबर 2026।खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ और आमजन को सुरक्षित एवं शुद्ध भोजन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर बीकानेर से दिल्ली तक निकली #FoodRealityMarch शनिवार को अपने 16वें दिन बावल पहुंची। 700 से अधिक किलोमीटर का सफर तय कर चुके पदयात्रियों का बावल में गौ सेवा संगठन उपचार शाला में गौ माता की तस्वीर भेंट कर एवं साफा पहनाकर स्वागत किया गया।

स्वागत के दौरान बड़ी संख्या में गौसेवकों और स्थानीय लोगों ने पदयात्रा में सहभागिता कर अभियान के प्रति अपना समर्थन जताया। गौसेवक स्वयं पदयात्रियों के साथ कतारबद्ध होकर आगे चले। पदयात्रा अब धारूहेड़ा की ओर बढ़ रही है।
छालों के बावजूद जारी है सफर
लगातार 16 दिनों से पैदल चल रहे पदयात्रियों के पैरों में छाले हैं, शरीर थकान से जूझ रहा है, लेकिन खाद्य सुरक्षा के मुद्दे को दिल्ली तक पहुंचाने का संकल्प लगातार उन्हें आगे बढ़ा रहा है।
FoodRealityMarch के संयोजक सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट जयन्त मूण्ड ने कहा
यह यात्रा केवल सड़कों पर चलने का नाम नहीं है। यह उस सवाल को देश के सामने रखने का प्रयास है कि हर नागरिक को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन कब और कैसे मिलेगा। पैरों में छाले हैं, शरीर थका हुआ है, लेकिन जब रास्ते में लोगों का समर्थन मिलता है तो हौसला और बढ़ जाता है।

उन्होंने कहा कि दूध, दही, घी, मसाले, आटा, तेल और पैकेज्ड फूड सहित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं में लगातार चिंता बनी रहती है। खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में प्रभावी जांच, निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई को मजबूत करने की आवश्यकता है।
12 मांगों के साथ दिल्ली की ओर
पदयात्रा के माध्यम से खाद्य सुरक्षा एवं जनस्वास्थ्य से जुड़ी 12 प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखी जा रही हैं। इनमें मिलावटखोरी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई, खाद्य मामलों के लिए फास्ट ट्रैक अदालतें, प्रत्येक जिले में खाद्य जांच प्रयोगशाला, पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर स्पष्ट हिंदी में सामग्री की जानकारी, हानिकारक रसायनों के इस्तेमाल पर नियंत्रण, भ्रामक विज्ञापनों पर कार्रवाई तथा स्कूलों में ‘शुद्ध आहार एवं पोषण’ की शिक्षा जैसी मांगें शामिल हैं।
धर्मवीर प्रधान ने कहा कि मिलावट के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए केवल कानून पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि नियमित जांच, मजबूत निगरानी व्यवस्था और समयबद्ध कानूनी प्रक्रिया भी जरूरी है। सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना सरकार के साथ-साथ समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।
लगातार साथ चल रहे साथी
पदयात्रा में राकेश ढाका, विनय यादव (बहरोड़), प्रकाश मूण्ड (कुचामन), अजय डूडी, गमित गहलोत, विकास यादव, अभिषेक चौधरी सहित अन्य साथी लगातार शामिल हैं।
बावल में स्वागत के दौरान दीपेश चौधरी फौलादपुर, अजय गुर्जर, हरिओम सोनी, सुंदर सोनी, अंकित सोनी, साहिल, कालू सोनी, छवि सोनी, विकास प्रजापत सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
पदयात्रा का अगला पड़ाव धारूहेड़ा है, जहां से कारवां दिल्ली की ओर अपना सफर जारी रखेगा।
