18 मई, राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ ने प्रदेश व्यापी आन्दोलन का ऐलान कर दिया है। महासंघ के आव्हान पर आरजीएचएस योजना के कथित बदलावों, पदौन्नति को 6 माह से अधिक समय होने के पर भी पदौन्नत 200 तहसीलदारों का पदस्थापन नहीं किये जाने, उपखण्ड कार्यालयों में पद सृजन एवं अन्य वित्तिय मांगों को लेकर पर सोमवार को कलक्टरों एवं उपखण्ड अधिकारियों को प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया।
महासंघ के प्रदेश सभाध्यक्ष शम्भूसिंह राठौड़ ने बताया कि वर्तमान सरकार कर्मचारियों के हित लाभ को बन्द करना चाहती है तथा कर्मचारियो की वाजिब मांगों के प्रति उदासीन रवैया अपना रही है जिससे राज्य के 7 लाख कर्मचारियों में सरकार के प्रति उत्पन्न आकोष को देखते हुए आन्दोलन का आगाज किया गया है।

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुधीर यादव ने सभी कर्मचारी संगठनों से आव्हान किया है कि आरजीएचएस योजना के निजीकरण एवं कर्मचारियों के अवकाश एन्केशमेन्ट एवं सेवा निवृति पर समय पर समस्त परिलाभ नहीं मिलने से कर्मचारियों की परेशानी को देखते हुए सभी कर्मचारी संगठनों को आन्दोलन आन्दोलन में शामिल होना चाहिए।
महामंत्री सुरेश तोबड़िया ने बताया कि कल राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा व मुख्य सचिव एवं चिकित्सा सचिव, कार्मिक सचिव, राजस्व सचिव से मिल कर आन्दोलन का नोटिस दिया गया है परन्तु सरकार द्वारा कोई सकारात्मक पहल नहीं किये जाने से प्रदेशव्यापी आन्दोलन शुरु किया है सोमवार को जिला कलक्टरों एव उपखण्ड अधिकारियों के कार्यालय बाहर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया। उन्होने सरकार को आगाह करते हुए बताया कि यदि शासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की जाती है एवं आरजीएचएस योजना को सुचारु नहीं किया जाता है तो अगले सोमवार को आगामी चरण की घोषणा कर उग्र आन्दोलन शुरु कर दिया जायेगा।
श्रीमान जिला कलक्टर महोदया कोटपूतली-बहरोड़ को महेश कसाणा सहायक प्रशासनिक अधिकारी, कार्यालय मंत्री, राजस्थान राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारी संघ, के नेतृत्व में ज्ञापन दिया गया ज्ञापन के समय रामनिवास सैनी पद- सस्थापन अधिकारी, महेन्द्र कुमार सैन पद- अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी, जसवन्त यादव पद- सहायक प्रशासनिक अधिकारी, सुरेश चन्द मीणा पद- सहायक प्रशासनिक अधिकारी, ऐश्व शर्मा पद- सहायक प्रशासनिक अधिकारी, नवीन शर्मा पद- वरिष्ठ सहायक, कृष्ण कुमार पद- वरिष्ठ सहायक, रामचन्द गुर्जर पद- कनिष्ठ सहायक एवं समस्त जिला कलक्ट्रेट कोटपूतली-बहरोड़ के कर्मचारिगण उपस्थित रहे।
