दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर स्थित पावटा कस्बे में आज तक स्थायी बस स्टैंड का निर्माण नहीं हो पाने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पावटा-प्रागपुरा नगरपालिका का प्रमुख शहरी क्षेत्र होने के बावजूद यहां बस यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। भीषण गर्मी के इस दौर में यात्री खुले आसमान के नीचे सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करने को मजबूर हैं। पावटा कस्बा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के कारण यहां दिन-रात सवारियों का लगातार आवागमन बना रहता है। दिल्ली, जयपुर सहित विभिन्न शहरों के लिए प्रतिदिन हजारों लोग यहां से यात्रा करते हैं, लेकिन बस स्टैंड नहीं होने से यात्रियों को न बैठने की सुविधा मिल रही है और न ही पीने के पानी, छाया या शौचालय जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और विद्यार्थियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि पूर्व में मुख्य बाजार की ओर सुभाष चौक मार्ग पर बसों का ठहराव होता था, लेकिन पुलिया निर्माण के बाद बसें सीधे पुलिया से होकर निकलने लगीं। वर्तमान में यात्री हाईवे पुलिया और सड़क किनारे इधर-उधर खड़े होकर बसों का इंतजार करते नजर आते हैं। कई बार बस चालक मनमर्जी से बीच सड़क पर ही बस रोककर सवारियां चढ़ा-उतार देते हैं, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती है और हादसों का खतरा बना रहता है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिनभर भारी यातायात रहने के कारण स्थिति और भी गंभीर बनी रहती है। जगह के अभाव में सड़क किनारे खड़ी बसों से कई बार छोटे-बड़े हादसे भी हो चुके हैं।

इसके बावजूद अब तक प्रशासन और नगरपालिका स्तर पर स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि नगरपालिका क्षेत्र होने के बावजूद यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है। लोगों ने मांग की है कि पावटा कस्बे में जल्द से जल्द आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्थायी बस स्टैंड का निर्माण कराया जाए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके और यातायात व्यवस्था
